Life is just a play As we're made of clay. Some are performing, Some are on the way. The stage is wide and deep, With promises to keep. We wake …
Read moreThe fluorescent lights of the corporate office buzzed with a dull, relentless hum that seemed designed to drain a human soul of its joy. Beneath them…
Read moreBoo! The world inspires you To seek name, fame, and claim. Yet you may miss its essential game. Listen! You're on an eternal mission To grace th…
Read moreA life sans a goal Is like a character sans a role, A parcel sans an address, A mirror sans a face — Drifting, lost, and spaceless. A life with a goa…
Read moreहमारी अभिलाषा है; संचार का माध्यम हो हिंदी, विचार का माध्यम हो हिंदी। बाकी रहें बस दिमाग में, पर हिंदी हो हृदय के बाग में। हमारी अभिलाषा है; संवेदना …
Read moreबसंती-बयार है बह रहा, फ़िज़ाओं में उड़े गुलाल| औ' नंदग्राम में राधा संग, होली खेले नन्द के लाल| अबीरों से भरी झोली है, ब्रज में आई होली है| झांझ म…
Read moreघने तिमिर के पल में, दीपशिखा रखी मान| गर्म लहू की छीटें से, रचित हुआ संविधान| दीप की वो अमर लौ, पुकार-पुकार कर कहे, अमर रहे! अमर रहे! 26 जनवरी अमर र…
Read moreइन हाथों में हाथ डाल पथ पर बढ़ते रहना है| ये मुस्कुराहटें देख-देख संग अनवरत चलना है| धूप-छांव को गले लगा, तेरे हृदय में रहना है..... निरंतर गतिमान दौर…
Read moreचलता इस अब्र से पूछकर, अंतस्तल की बात कहो| कौन चला रहा है नित हमें? किसकी यह थाती अहो? वो संघर्षरत क्यों मौन है? अनंत लोक में हम कौन हैं? बहती इस सलि…
Read moreफर-फर सर-सर करते, अनंत डगर में जाना है| पता है उड़ते पतंग को, अंत में टूट ही जाना है| चाहत है इससे पहले; नभ को छू दिखाना है| नए आशा साथ में लेकर, एक …
Read moreबसे हो आप हिमाद्रि तुंग श्रृंग पर, बनकर जीव-मात्र का कंठहार| कहाँ अन्वेषु,कहाँ पाऊँ आपको? बिन आपके बंद हर अनुभूति का द्वार| किसी ने अमलन बात कही है? …
Read moreसर्वत्र घनघोर है अंधेरा, जल रहा है दीपक मेरा| इस दीपक के ओज से अमावस मात खाई है, देख, दिवाली आई है| गांव-गांव अरु नगर में, प्रदीप्त है दीप हर डगर में…
Read moreकर लो हंस की सवारी, वीणा-राग सुनाओ माँ| बसंती रुत है मस्तानी, सत्यलोक से आओ माँ| गुमसुम है हमारी आवाज़, पर दो हमें औ' दो परवाज़| आप हर सुरों की देव…
Read moreएक विद्यार्थी ने मुझसे पूछा, सर, सफलता कैसे मिलेगी? मैंने उसे बताया, प्रकृति में विद्यमान एक एक गुत्थियो को तुम सुलझाते जाओ, सफलता तुम्हारा कदम चूमेग…
Read moreएक ही तो है, मौसम औ' इंसान लो ये जान। दिखा देते हैं, वे अपना औकात रख लो याद। बदल जाते, हैं दोनों वक्त पर ढाके कहर। तू खुद पे ही, सत विश्वास रख औ&…
Read moreशाम है तेरी तेरा चाँद सितारा मैं सब हारा। तलब यही तुम निशा से कहो अंक में रहो। मैं और तुम औ' तृषित अधर न हो सहर।
Read moreKeep eyes on the stars And feet on the ground. I can, you can, we can, Try to make the sound. Have to get rid of the mire, Yea! Let's be a ball o…
Read moreझूठ फ़रेब यहाँ सब स्वीकार, सच शिकार। इस दौर में किसपे एतमाद, धूर्त आबाद। धर्म की आड़ है कुकर्म दुराव, बेदर्द घाव। मुख मुखौटा पहचान मुश्किल, उर पंकिल। क…
Read moreइस क्षणिक जिंदगी में, बदलाव जरूरी है। वजूद को कभी धूप तो, कभी छाँव जरूरी है। ऐ समीर, रुक मत, तू चल क़यामत तक…
Read moreजो मुरली की टेर सुनाए, सबके उर में प्रेम जगाए। गोपियों के चित्त चुराकर, कुंज-निकुंज में छुप जाए। जिसमें संसार विभोर है, वो कृष्ण है, माखनचोर है। जो …
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